ynathpoems "जिन्दगी के लिये" (कोरोना पर कविता)


ynathpoems

   
                         जिन्दगी के लिये  (कोरोना पर कविता)


जिन्दगी को, जिन्दगी के लिये थम जाने दो......
हर सौर-शराबा भूलकर,खुद को घर मे बन्द हो जाने दो.....

देश मे संकट की घडी हैं ।

कोरोना बन मौत व्दार पर खडी हैं ।।
सारे काम छोडकर हर मानव की जान बचाने दो....

जिन्दगी को,जिन्दगी के लिये थम जाने दो.....


प्रधानमंत्री जी ,बार बार अपील हैं करते ।

देशवासी घर पर रहे,यह भाव मन मे हैं धरते।।
हमारे किसी अपने को,घर से ना दूरजाने दो.....

जिन्दगी को, जिन्दगी के लिये थम जाने दो......


कहीं भूख हैं,

कही दो वक्त की रोटी की लाचारी ।
कहीं कोई दूर करता नौकरी,
घर वापस जाने की बेताबी ।।
कुछ ऐसी उलझनो को, दूर कर रास्ता बनाने दो.....

जिन्दगी को, जिन्दगी के लिये थम जाने दो......


डाँक्टरो,स्वास्थ्य कर्मचारी,

जान समर्पित सेवा हैं करते ।
कोरोना मरीज ओर ना बढने पाये,यह धीरज मन मे हैं धरते।।
हर किसी की रक्षा करना हैं,यह प्रण तो अब करने दो....

जिन्दगी को, जिन्दगी के लिये थम जाने दो......


पुलिस जवानो की मुस्तेदी,

हिम्मत ओर बढानी हैं।
सहयोग रहे सबका, ऐसी एकता हैं दिखानी ।।
नासमझो की नादानी  कभी डंडो से दूर भागने दो.....

जिन्दगी को, जिन्दगी के लिये थम जाने दो......


धर्म मजहब की आड मे,

नफरत फैलाते हैं लोग।
खतरे मे हैं मानव जीवन,फिर भीबनाते हैं नये जोग।।
विपदा ऐसी आई हैं,अब तो सबको एक हो जाने दो.....

जिन्दगी को, जिन्दगी के लिये थम जाने दो......


हर सौर-शराबा भूलकर,खुद को घर मे बन्द हो जाने दो.....

जिन्दगी को, जिन्दगी के लिये थम जाने दो......

                                       योगेन्द्र नाथ (एडवोकेट)

                                       दिल्ली उच्च न्यायालय





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English Translation

         For life (poem on corona)


Let life stop, for life ……

Forget every solar system, let yourself be shut in the house…


There are crisis in the country.


Corona is standing on death row.


Except every work, save the life of every human being….




Let life stop, for life…


Prime Minister, there are repeated appeals.


The countrymen should stay at home, keep this feeling in their mind.


Do not let any of our people away from home .....




Let life stop, for life ……


Somewhere hungry,


The helplessness of bread for two times somewhere.


Somewhere a job takes off,


The meaning of going back home.


Some such problems, let them make way out .....




Let life stop, for life ……


Doctors, health worker,


Lives are dedicated to life.


Corona could not move the patient, he is patient in his heart.


Everyone has to be protected, now let us do this process…




Let life stop, for life ……


Police personnel must


Have to increase courage.


Everyone's cooperation, this unity is to be shown.


Let Mindless fool never run away from the baton .....




Let life stop, for life ……



In the guise of religion


People spread hatred.


Human life is in danger, yet it creates new jog.


Such is the calamity, now let everyone unite .....




Let life stop, for life ……

Forget every solar system, let yourself be shut in the house…


Let life stop, for life ……


                                       Yogendra Nath (Advocate)

                                           Delhi High Court










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