ynathpoems "मैं फकीर हूँ" ( कविता)

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                         मैं फकीर हूँ ( कविता)

मैं फकीर हूँ, अब फकीरी का मिजाज रखता हूं........ 
जो मिला, जितना मिला,उसे ही अपने पास रखता हूँ........
रब ने दी हैं जिन्दगी,चन्द साँसो की,उसे ही थोडा सम्भाल सकता हूँ.....

मैं फकीर हूँ, अब फकीरी का मिजाज रखता हूं........ 

कितने ही रिश्ते बने,फिर टुट गये।
अपने थे जो, मुझसे रूठ गये।।
किससे करू शिकायत,वो रास्ते छोड चुका हूँ......

मैं फकीर हूँ, अब फकीरी का मिजाज रखता हूं........ 

थोडी इज्जत कमाई, थोडा पैसा।
ना रहा कुछ पास, जीवन जैसे का तैसा।।
यही रब ने समझया,तुझे सब देकर ,छिन सकता हूँ.......

मैं फकीर हूँ, अब फकीरी का मिजाज रखता हूं........ 

तु ही तु नजर आये,अब हर जगह मुझे।
डुब जाऊ तेरी याद मे इतना, ना रहे कोई होश मुझे।।
कितना दिया हैं ऐ प्रभु मुझे ,तेरा तो बस ,शुक्र अदा कर सकता हूँ...... 

मैं फकीर हूँ, अब फकीरी का मिजाज रखता हूं........ 

देर से जाना ,देर से समझा,थी मेरी नादानी।
भटक रहा था जब दुनिया में ,थी कितनी मेरी कहानी।।
अंहकार, घमंड सब टुट चुका , अब तो तुझको पा सकता हूँ.....

मैं फकीर हूँ, अब फकीरी का मिजाज रखता हूं........ 

अब तो बस ,ईश्वर को है पाना।
भक्ति करू अब इतनी,भूल जाऊ जमाना।।
या परमात्मा हर गुनाह की माफी ,अब तुझसे मांग सकता हूँ.......

मैं फकीर हूँ, अब फकीरी का मिजाज रखता हूं........ 

जो मिला, जितना मिला,उसे ही अपने पास रखता हूँ.......
मैं फकीर हूँ, अब फकीरी का मिजाज रखता हूं.......

                                                                            योगेन्द्र नाथ (एडवोकेट)









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English Translation

                     I am a monk (poem)


I am a monk, now I have spirituality.........

Whatever I get, I keep as much as I can .......

God has given life and breath, I can only handle it a little…

I am a monk, now I have spirituality.........


Many relationships were formed, then they broke up.

It was his own who became angry with me.

Who should I complain to, they have left the road ……

I am a monk, now I have spirituality........


Earn some respect, little money.

Nothing is close, life like tit.

This God understood, by giving you everything, I can snatch away…

I am a monk, now I have spirituality


You appeared, now I am everywhere.

May you sink so much in my memory, no one will be aware of me.

God has given me so much, I can thank you enough, thank you ……

I am a monk, now I have spirituality.......


Going late, understood late, was my fool.

When I was wandering in the world, how much was my story.

Ego, pride has broken everything, now I can get you .....

I am a monk, now I have spirituality.......


Now all it takes is God.

Do devotion now so much, forget me.

Or God forgives every crime, now I can ask you .......

I am a monk, now I have spirituality......

Whatever I have received, I keep to myself .......

I am a monk, now I have spirituality........                                

                                                        YOGENDRA NATH (ADVOCATE)






















     

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